शुगर-रिच (अधिक चीनी वाले) पेय केवल वजन बढ़ाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं। एक हालिया अध्ययन के अनुसार, चीनी युक्त पेय पदार्थों का नियमित सेवन मौखिक कैंसर (Oral Cancer) के खतरे को लगभग 5 गुना बढ़ा सकता है।
शुगर-रिच पेय के नुकसान
1. मौखिक कैंसर का खतरा
वाशिंगटन विश्वविद्यालय में किए गए एक अध्ययन (JAMA Otolaryngology – Head & Neck Surgery) के अनुसार, चीनी युक्त पेय का अधिक सेवन करने वाली महिलाओं में मौखिक कैंसर का जोखिम 4.87 गुना अधिक पाया गया। इस अध्ययन में 162,602 महिलाओं की खान-पान की आदतों का विश्लेषण किया गया, जिसमें से 124 महिलाएं 30 वर्षों के भीतर मौखिक कैंसर से पीड़ित पाई गईं।
2. मोटापा और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर
- शुगर-रिच पेय शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जोड़ते हैं, जिससे मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, फैटी लिवर और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं।
- इन पेय में फ्रक्टोज और ग्लूकोज की उच्च मात्रा होती है, जो इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) को बढ़ाकर शरीर में वसा जमा करने का कारण बनती है।
3. हृदय रोग का खतरा
अध्ययनों से पता चला है कि नियमित रूप से शुगर-रिच ड्रिंक्स का सेवन करने वाले लोगों में हृदय रोग का खतरा 20-30% अधिक होता है। इनमें कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ाने की क्षमता होती है।
4. लिवर डैमेज और फैटी लिवर
- चीनी युक्त पेय पदार्थ लिवर में फैट जमा करने में योगदान करते हैं, जिससे नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) हो सकती है।
- अत्यधिक शुगर फ्रक्टोज में बदलकर लिवर को ओवरलोड कर देता है, जिससे सिरोसिस (Liver Cirrhosis) और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
5. हड्डियों और दांतों को नुकसान
- सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड और चीनी दांतों को नुकसान पहुंचाकर कैविटी (Cavities) और दंत क्षय (Tooth Decay) का कारण बन सकते हैं।
- गैस वाले ड्रिंक्स हड्डियों में कैल्शियम को कम करके ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) का खतरा बढ़ा सकते हैं।
स्वस्थ रहने के लिए क्या करें?
✅ शुगर-फ्री और प्राकृतिक पेय अपनाएं – ग्रीन टी, नींबू पानी, नारियल पानी और बिना शक्कर वाली चाय या कॉफी पीना बेहतर विकल्प हो सकता है।
✅ फलों और सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें – फल और सब्जियां एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती हैं, जो शरीर को कैंसर से बचाने में मदद करती हैं।
✅ प्राकृतिक मीठे विकल्प अपनाएं – अगर आपको मीठा पसंद है, तो शहद, गुड़ या स्टेविया जैसे प्राकृतिक विकल्प अपनाएं।
✅ प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय से बचें – जितना हो सके, कोला, एनर्जी ड्रिंक्स, मीठे जूस और फ्लेवर्ड मिल्क से बचें।
निष्कर्ष
शुगर-रिच पेय सिर्फ मोटापे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मौखिक कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज, फैटी लिवर और हड्डियों की समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं। इसलिए, हमें अपने खान-पान में स्वस्थ विकल्पों को शामिल करना चाहिए और चीनी युक्त पेय पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए।